
संकट मोचन जय हनुमान
Available in Bhojpuri
भगवान हनुमान के बाल्यकाल में अपना माँ अंजनी के साथे विशेष लगाव अऊर असुरन के राजा रावण के आतंक के शासनकाल समाप्त करे में भगवान राम के प्रति उनका असाधारण सेवा के प्रसिद्ध कथा।
Director & Cast
TV Show Details
अंजनी के मिलेला हनुमान रूपी वरदान
रावण के संहार करे खातिर भगवान विष्णु मानव रूप में अवतरित होखे के निर्णय लेलें। उनका सहायता खातिर ब्रह्मदेव महादेव के ग्यारहवाँ रुद्र अवतार हनुमान के शिशु रूप में अंजनी के गर्भ में स्थापित करावेलें।
अंजनी के मिलेला हनुमान रूपी वरदान
बाली करेला हनुमान के जन्म रोके के निश्चय
ऋषि मतंग हनुमान के अलौकिक शक्ति के आभास करेलें। इंद्र केसरी अऊर अंजनी पर हमला करेलें अऊर बाली के हनुमान के जन्म रोके के आदेश देलें। अंजनी तारा अऊर रुमा के सामने हनुमान के शिवभक्त बनावे के प्रण लेली।
बाली करेला हनुमान के जन्म रोके के निश्चय
हनुमान के जन्म रोके में बाली होला असफल
जामवंत के हनुमान पर आवे वाला संकट के आभास होला। बाली रावण के वैद्य से मांगल विष अंजनी के खीर में मिलावेला, जेके ऊ ग्रहण करेली अऊर विष शिव तक पहुँचेला। अंजनी के प्रसव पीड़ा होला अऊर हनुमान के जन्म होला।
हनुमान के जन्म रोके में बाली होला असफल
मारुति करेला अंजनी के पूजा
मारुति के पाँचवाँ जन्मदिन पर पूजा रखल जाला, लेकिन ऊ अंजनी के आपन भगवान कहेला। तारा बाली के मारुति के प्रति द्वेष के सपना देखेली। मारुति राज्य के सीमा पर स्थित विभाजक दीवार लाँघ के दूसरा तरफ पहुँचेला।
मारुति करेला अंजनी के पूजा
मारुति के होला एगो राक्षस से सामना
एगो उपवन में वानर जाति के शत्रु राक्षस तीव्रकर्ण मारुति अऊर ओकरा मित्रन पर हमला करेला। महल में अंजनी व्याकुल होली। मारुति अपना अद्भुत बल से राक्षस के पराजित करेला अऊर जामवंत ए घटना के साक्षी बनेलें।
मारुति के होला एगो राक्षस से सामना
गदा के प्रति मारुति के आकर्षण
मारुति कामधेनु अऊर शिवगण के फल अऊर प्रसाद खियावेला। ब्रह्मा जामवंत के मारुति के जन्म के उद्देश्य बतावेलें। मारुति के गदा के प्रति आकर्षण देख के जामवंत ओके विष्णु के गदा कौमोदकी के बारे में बतावेलें।
गदा के प्रति मारुति के आकर्षण
अपना आराध्य के खोज में निकलेला मारुति
जामवंत से विष्णु के कथा सुन के अपना आराध्य के खोज में निकलल मारुति पहिले चंद्र अऊर फिर भू देवी के पूजा करेला। चंद्र ओकरा मंत्रोच्चारण के तेज सहन ना कर पावेलें अऊर भू देवी ओकरा पूजा से हर्षित हो उठेली।
अपना आराध्य के खोज में निकलेला मारुति
अपना आराध्य के खोजे वन में जाला मारुति
ऋषि मतंग मारुति के भक्त ध्रुव के कथा सुना के उनकर अनुसरण करे के कहेलें। अंजनी बिना सोचले समझले ओके अनुमति दे देली अऊर ऊ वन में निकल जाला, जहाँ ओपर हमला करे आइल एगो पिशाच ओकरा स्पर्श से मुक्ति पावेला।
अपना आराध्य के खोजे वन में जाला मारुति
मारुति के मिलेला शिव के मार्गदर्शन
शिव पार्वती के अंजनी के पूर्वजन्म के कथा बतावेलें। पार्वती अंजनी अऊर शिव योगी के रूप में मारुति से मिलेलें। ऋषि दुर्वासा मारुति से मिले के इच्छा जतावेलें। मारुति के सामना सुजान अऊर सुकेतु से होला।
मारुति के मिलेला शिव के मार्गदर्शन
अंजनी पर क्रोधित होलें ऋषि दुर्वासा
मारुति सुजान अऊर सुकेतु के उद्धार करेला अऊर शिव के परीक्षा में सफल होला। शिव ओकरा लड्डू के आनंद लेलें अऊर सृष्टि के गति धीमा हो जाला। मारुति से मिले में विलंब होखे पर ऋषि दुर्वासा क्रोधित हो जालें।
अंजनी पर क्रोधित होलें ऋषि दुर्वासा
मारुति के मिलेला ओकरा आराध्य के नाम
शिव मारुति के दर्शन देलें अऊर ओके ओकरा आराध्य के नाम बतावेलें। मारुति के कंठ से निकलल राम नाम के ध्वनि दुर्वासा के क्रोध शांत करेला अऊर ऊ ओके आशीर्वाद देलें। महल लौटे पर अंजनी मारुति के दंडित करेली।
मारुति के मिलेला ओकरा आराध्य के नाम
संकट मोचन जय हनुमान - मई 14, 2021
भगवान हनुमान के बाल्यकाल में अपना माँ अंजनी के साथे विशेष लगाव अऊर असुरन के राजा रावण के आतंक के शासनकाल समाप्त करे में भगवान राम के प्रति उनका असाधारण सेवा के प्रसिद्ध कथा।
संकट मोचन जय हनुमान - मई 14, 2021
असुरन के होला राम नाम के शक्ति के आभास
असुर महल के वास्तु दोष से मुक्त करे अऊर मारुति के ओकरा आराध्य से मिलावे के बहाने सब नष्ट करे चलेलें, लेकिन राम नाम के ध्वनि से पस्त हो जालें। जाए से पहिले असुर केसरी से दक्षिणा स्वरुप हाथी मांगेलें।
असुरन के होला राम नाम के शक्ति के आभास
मारुति रोकेला सूर्य के गति
असुर राज्य के हाथी लुप्त कर देलें अऊर वचनबद्ध केसरी सूर्यास्त से पहिले आपन प्राण त्यागे चलेलें। वन में हाथी खोजे निकलल मारुति तप करेला अऊर ओकर पग सूर्यदेव के मार्ग में पड़ेला, जेसे सूर्यास्त रुक जाला।
मारुति रोकेला सूर्य के गति
बाली अऊर मारुति के होला आमना-सामना
मारुति के पग दिन-रात के चक्र असंतुलित कर देला अऊर ब्रह्मा शिव से मदद मांगेलें। मारुति शिव के भेजल बाघ के लेके महल लौटेला अऊर असुर बचे खातिर राम नाम के जाप करेलें। मारुति अऊर बाली के आमना-सामना होला।
बाली अऊर मारुति के होला आमना-सामना
बालि के होला मारुति के बल के आभास
मारुति के बल के आभास कर के बालि के आश्चर्य होला। इंद्र ओसे मारुति के छल से मारे के कहेलें अऊर यक्षराज कुबेर के गदा के कथा बतावेलें। मारुति के सम्मोहित करे खातिर ऊ किष्किंधा में गदा प्रतियोगिता रखेला।
बालि के होला मारुति के बल के आभास
मारुति के पाताल लोक भेजेला बालि
बालि मारुति के यक्षराज कुबेर के गदा के प्रलोभन देके पाताल लोक भेजेला, जहाँ पहुँच के ऊ ऋषियन के वरासुर के अत्याचार से बचावेला। आगे, सुदर्शन देव मारुति के रास्ता रोकेलें अऊर ऊ उनके मिठाई समझ के खा जाला।
मारुति के पाताल लोक भेजेला बालि
बालि करेला मारुति से छल
मारुति पाताल से गदा लेके लौटेला। बालि असुर दुदुंभी के ओके मारे भेजेला अऊर ओके बचावे में अंजनी घायल हो जाली। अंत में, बालि ओके छल से मारे के प्रयास करेला, लेकिन अंजनी के विनती पर पवनदेव ओकर मदद करेलें।
बालि करेला मारुति से छल
मारुति करेला उड़े के प्रयास
सपना में स्वयं के उड़त देख वास्तव में उड़े के प्रयास कर रहल मारुति नारद के कहे पर गरुड़ के गुरु बनावे जाला अऊर अपमानित होके पहाड़ से कूदेला। अंजनी अऊर केसरी के पूजा से प्रसन्न पवनदेव ओकर रक्षा करेलें।
मारुति करेला उड़े के प्रयास
विशाल से दूसर बियाह करे के कहेले काली
जैस्मिन विशाल से नजदीकी बढ़ावे के कोसिस करेले। एगो साधू विशाल के संकट से बचावे खातिर काली से ओकर दूसर बियाह करावे के कहेला। विशाल घरवालन के बदले काली से माफी मांगेला अऊर ऊ ओसे दूसर बियाह करे के कहेले।
विशाल से दूसर बियाह करे के कहेले काली
मारुति करेला गरुड़ के अहंकार के अंत
गति के स्पर्धा में गरुड़ के परास्त कर के मारुति अपना मित्रन के बचावेला। मारुति उड़ के असुरन के सीमा में प्रवेश करेला अऊर सिंघिका बालि से शिकायत करेले। बालि ओके मारुति के दंडित करे खातिर सुमेरु भेजेला।
मारुति करेला गरुड़ के अहंकार के अंत
सुमेरु में सिंघिका मचावेले आतंक
सुमेरु के प्रजा के बंदी बना के सिंघिका वृद्ध महिला के भेस में छल से केसरी महल के में घुसेले अऊर उनके अऊर अंजनी के बंदी बनावेले। मारुति असुर राज्य में प्रवेश करेला अऊर सिंघिका ओके पिंजरा में बंद करेले।
सुमेरु में सिंघिका मचावेले आतंक
सिंघिका के दंडित करेला मारुति
मारुति सिंघिका के दंडित कर के सुमेरु के प्रजा के मुक्त करावेला अऊर ए घटना के गुप्त रखेला। शुक्राचार्य सिंघिका के पुत्र राहू के देवता के पद दिलावे के योजना बनावेले अऊर ई प्रस्ताव लेके इंद्र से मिलेलें।
सिंघिका के दंडित करेला मारुति
सूर्य के फल समझेला मारुति
ग्रहण पर राहू सूर्य के ग्रास बनावे के चुनौती देला। शुक्राचार्य मृत असुरन के जीवित कर के देवासुर संग्राम के सेना बनावेलें। शिव के दिहल फल खाके मारुति के भूख बढ़ेला अऊर ऊ सूर्य के फल समझ के खाए निकलेला।
सूर्य के फल समझेला मारुति
सूर्य के फल समझ के निगलेला मारुति
मारुति राहु के परास्त कर के इंद्र के रचल व्यूह भेदेला अऊर सूर्य के फल समझ के निगल लेला। सूर्य ओके भस्म करे के प्रयास करेलें अऊर शिव उनके दर्शन देलें। क्रोधित इंद्र मारुति के दंड देवे के निश्चय करेलें।
सूर्य के फल समझ के निगलेला मारुति
Details About संकट मोचन जय हनुमान TV Show :
| Movie Released Date | 3 May 2021 |
| Genres |
|
| Audio Languages: |
|
| Cast |
|
| Director |
|

