
गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
Available in Hindi
हँसमुख और चुलबुली गुड्डन की शादी एक अमीर व्यापारी और तीन बहुओं के ससुर अक्षत जिंदल उर्फ़ ए.जे. से हो जाती है। गुड्डन कैसे करेगी आने वाली चुनौतियों का सामना?
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ए.जे. को पता चली अपनी बहुओं की इच्छा - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
सरस्वती घर की सजावट कर रहे आदमी को उसके वादे के अनुसार काम न करने पर फटकार लगाती है और उसके पैसे काट लेती है। उधर लक्ष्मी उसके निर्देशों का पालन न करने को लेकर रसोइए को धमकाती है। पार्टी में कुछ महिलाएं ए.जे. को ताना मारने की कोशिश करती हैं तो उसकी तीनों बहुएं सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा उसका बचाव करती हैं। गुड्डन एक कुत्ते को पकड़कर उसे उसके मालिक को लौटाने की कोशिश में सब तहस-नहस कर देती है। दुर्गा ए.जे. को उसकी बहुओं की एक सास के होने की इच्छा के बारे में बताती है और वह नाराज़ हो जाता है।
ए.जे. को पता चली अपनी बहुओं की इच्छा - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन ने लगाया ए.जे. के चेहरे पर केक - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. ऐसे 7 निर्मम वादे बताता है जो कि उसकी होने वाली पत्नी को स्वीकार करने होंगे। ए.जे. को लगता है कि कौशल्या काँच के टुकड़ों पर चलकर यह सिद्ध करना चाहती है कि वह उससे शादी करने के काबिल है और वह उसे बुरा-भला कहता है। यह देख गुड्डन भड़कती है और उसके चेहरे पर केक मल देती है। कौशल्या घर पहुँचकर गुड्डन को उसके बर्ताव के लिए फटकारती है और उसे उसकी माँ की मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराती है। हालांकि उसकी सौतेली बहन रेवती उसका पक्ष लेती है।
गुड्डन ने लगाया ए.जे. के चेहरे पर केक - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन ने ए.जे. की बहुओं को बचाया - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. के कायदे-क़ानूनों से परेशान, दुर्गा सरस्वती और लक्ष्मी को एक सास के होने का महत्व बताती है। एक दुर्घटना के चलते, तीनों बहुएं एक चट्टान से गिरती हैं और पेड़ की डाली पर लटक जाती हैं। तीनों मदद के लिए चिल्लाती हैं और तभी गुड्डन वहाँ आती है और उन्हें ऊपर खींचकर उनकी जान बचाती है। आगे, ए.जे. ख़राब पड़ी दरवाजे की घंटी ठीक न करवाने के लिए घरवालों का सामना करता है। गुड्डन एक मंदिर के बाहर ए.जे. से मिलती है और उसे फिर से खरी-खोटी सुनाती है।
गुड्डन ने ए.जे. की बहुओं को बचाया - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
फिर से शादी करने के लिए तैयार हुआ ए.जे. - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. बड़ी उत्सुकता से अंतरा के ख़त का इंतज़ार करता है किंतु उसे गुड्डन का ख़त मिलता है। गुड्डन की केक के पैसे भरने की मांग के बारे में पढ़कर, वह पैसे देने से इंकार करता और उल्टा केक की ही आलोचना करता है। गुड्डन कहती है कि उसके होटल का खाना भी कुछ ख़ास नहीं है। बाहर जाते वक़्त गुड्डन पौलोमी से टकराती है और गलती से उनके ख़त आपस में बदल जाते हैं। ए.जे. को इस गड़बड़ के बारे में पता चलता है और वह गुड्डन का पीछा करके उससे ख़त वापस लेता है। आगे, ए.जे. घर आता है और दोबारा शादी करने के लिए मान जाता है।
फिर से शादी करने के लिए तैयार हुआ ए.जे. - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. ने अनजाने में चुनी गुड्डन की तस्वीर - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
मंदिर में, गुड्डन भगवान कृष्ण के आगे एक एक्टिंग ऑडिशन में उसकी मदद करने की गुहार लगाती है। वह ए.जे. से टकराती है और दोनों में बहस हो जाती है। गुड्डन रामायण के ऑडिशन वाले स्थान पर पहुँचती है और गलती से रामायण के ऑडिशन और जिंदल परिवार के इंटरव्यू के साइनपोस्ट्स को आपस में बदल देती है। वह ऑडिशन समझकर जिंदल परिवार के इंटरव्यू में घुस जाती है। जब दुर्गा ए.जे. को तीन तस्वीरें दिखाती है और उनमें से किसी एक को चुनने को कहती है तो ए.जे. अनजाने में गुड्डन की तस्वीर चुन लेता है।
ए.जे. ने अनजाने में चुनी गुड्डन की तस्वीर - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन ने समझा दुर्गा को गलत - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
दुर्गा सरस्वती और लक्ष्मी को ए.जे. और लीला को मिलवाने की अपनी योजना बताती है। लक्ष्मी लीला को कोमल से बदलने का षड्यंत्र रचती है। दुर्गा गुड्डन को फ़ोन करके उसका चयन होने के बारे में बताती है और गुड्डन को लगता है कि उसका चयन रामायण में सीता के किरदार के लिए हो गया है। ए.जे. बैंक में पैसा जमा न करने को लेकर किशोर और वरदान को फटकार लगाता है। गुस्साया वरदान कहता है कि ए.जे. उसका पिता नहीं है। आगे, गुड्डन ए.जे. के रेस्टोरेंट पर तीनों बहुओं से मिलती है।
गुड्डन ने समझा दुर्गा को गलत - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन दुर्गा को सच बताने का प्रयास करती है - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन दुर्गा को सच बताने का प्रयास करती है किंतु तभी ए.जे. वहाँ आकर दखल डाल देता है। रेस्टोरेंट में, गुड्डन ए.जे. के कमरे में आती है और गलती से उसका कोट ख़राब कर देती है। कोमल अनजाने में लीला के जाल में फंसती है और लक्ष्मी की उसको लीला से बदलने की योजना विफल हो जाती है। आगे, गुड्डन ए.जे. की रसोई में जाती है और वहाँ आग पर पक रहे खाने को असली आग समझकर बुझा देती है। रेवती छुपकर अपने प्रेमी से मिलती है। कौशल्या गुड्डन को सीता का किरदार न लेने की चेतावनी देती है।
गुड्डन दुर्गा को सच बताने का प्रयास करती है - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
जिंदल परिवार के सामने आया गुड्डन का सच - गुड्डन तुमसे ना पायेगा
गुड्डन रेवती और पर्व की बातें सुनती है। गुड्डन रेवती का सामना करती है और रेवती अपने प्रेम-प्रसंग को स्वीकार करते हुए इसके बारे में कौशल्या को न बताने की विनती करती है। जिंदल भवन में, दादी गुड्डन से उनके स्वर्गवासी पति का आशीर्वाद लेने को कहती हैं और गुड्डन गलती से तस्वीर के आगे रखे कलश को तोड़ देती है। इससे पहले गुड्डन दादी को सच बताती, एक पंखे के कारण उसकी सीता की पोशाक निकल जाती है और गुड्डन का असली चेहरा सबके सामने आ जाता है।
जिंदल परिवार के सामने आया गुड्डन का सच - गुड्डन तुमसे ना पायेगा
गुड्डन ने दी जिंदल परिवार के सामने सफाई - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
लक्ष्मी गुड्डन पर आरोप लगाती है कि वह ए.जे. के पैसों के पीछे है। गुड्डन अपनी सफाई में कहती है कि वह राम-लीला के ऑडिशन के लिए आई थी। वह आगे कहती है कि ए.जे. यदि धरती का आखिरी आदमी भी होगा तो भी वह उससे शादी नहीं करेगी। कौशल्या गुड्डन पर भड़कती है और उसे झूठा कहती है। गुड्डन उसे आश्वासन देती है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है और वह झूठ नहीं बोल रही है। कौशल्या कहती है कि वह चाहती है कि गुड्डन की शादी हो जाए ताकि वह अपने पति और बेटी के साथ चैन से रह सके।
गुड्डन ने दी जिंदल परिवार के सामने सफाई - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन के सामने आई एक चौंका देने वाली ख़बर - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
वरदान रेस्टोरेंट के लिए एक योजना पेश करता है। ए.जे. उसकी योजना को घटिया कहते हुए उसे डाँटता है। आगे, वह गुड्डन को उसकी भावी दुल्हन के रूप में चुनने की गलती करने के लिए अपनी बहुओं पर भड़कता है। उधर गुड्डन आधी रात में जागती है और अपनी ज़िंदगी में आई मुश्किलों की बौछार के बारे में सोचते हुए इसके लिए ए.जे. को ज़िम्मेदार ठहराती है। आगे, वह पर्व को एक चोर समझकर पीट देती है। गुड्डन अख़बार में अपने बारे में छपा एक लेख देखकर चौंक जाती है।
गुड्डन के सामने आई एक चौंका देने वाली ख़बर - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. गुड्डन से उससे शादी करने को कहता है - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
दुर्गा गुड्डन के बारे में अख़बार में लेख छपवाने के लिए सरस्वती का सामना करती है। लक्ष्मी ए.जे. की भावी साथी के रूप में श्वेता का परिचय करवाती है। ए.जे. उससे बात करता है और तभी गुड्डन वहाँ आती है और उसके बारे में छपे लेख को लेकर उसे बुरा-भला कहती है। आगे, गुड्डन मंदिर में पर्व को एक लड़की के साथ देखती है और उसे लगता है कि वह रेवती है। ए.जे. गुड्डन से मिलता है और उसे मुँह मांगी कीमत देने के बदले उससे शादी करने को कहता है। गुड्डन उसका प्रस्ताव ठुकराते हुए उसका मज़ाक उड़ाती है।
ए.जे. गुड्डन से उससे शादी करने को कहता है - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
कौशल्या हुई गिरफ़्तार - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन उस लड़की से मिलती है जिसे वह रेवती समझ रही थी और वह उसे बताती है कि वह पर्व की पत्नी है। रेवती गुड्डन से कहती है कि वह इसके बारे में पहले से जानती थी। आगे, वह उससे कहती है कि पर्व की जबरदस्ती शादी करवाई गई थी और वह अपनी पत्नी से प्यार नहीं करता है। गुड्डन रेवती से कहती है कि कौशल्या की ख़ातिर उसे इस रिश्ते से दूर रहना चाहिए। दुर्गा कौशल्या को गिरफ़्तार करवाने के लिए गुड्डन के घर पुलिस लेकर आती है। आगे, गुड्डन पर्व और रेवती का रिश्ता ख़त्म करने के लिए रेवती को उसके पास लेकर जाती है।
कौशल्या हुई गिरफ़्तार - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. ने मांगी कौशल्या से माफ़ी - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. कौशल्या से अख़बार में छपे लेख के लिए माफ़ी मांगता है। वह दुर्गा से उससे माफ़ी मांगने को कहता है। कौशल्या मौके का फायदा उठाकर दुर्गा का अपमान करती है। दुर्गा यह सोचकर परेशान होती है कि ए.जे. के दिमाग में क्या चल रहा है। गुड्डन के घर आने पर कौशल्या उसे जिंदल परिवार से दूर रहने को कहती है। गुड्डन ए.जे. को फ़ोन करती है और आगे कभी उसके घर पर न आने को कहती है। एक वीडियो कॉल के ज़रिये रेवती देखती है कि पर्व ने अपनी कलाई काट ली है और वह घबरा जाती है।
ए.जे. ने मांगी कौशल्या से माफ़ी - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
पर्व को पुलिस की वर्दी में देखकर चौंकी गुड्डन - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन रेवती को अस्पताल लेकर जाती है। डॉक्टर बिना शिकायत दर्ज किए बगैर उसका इलाज करने से मना करता है और तभी ए.जे. वहाँ आकर उसे उसका लाइसेंस रद्द करवाने की धमकी देता है। घर आई कौशल्या देखती है गुड्डन और रेवती वहाँ नहीं हैं और वह फर्श पर पड़ा ख़ून देखकर घबरा जाती है। गुड्डन रेवती के आत्महत्या का प्रयास करने का सच छुपाने के लिए एक झूठी कहानी रचती है। आगे, गुड्डन पर्व को पुलिस की वर्दी में देखकर चौंकती है और वह ख़ुद को एक बहरूपिया बताता है।
पर्व को पुलिस की वर्दी में देखकर चौंकी गुड्डन - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन ने किया ए.जे से शादी करने का वादा - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन अपने घर में पर्व को रेवती के करीब देख चौंक जाती है। गुड्डन को मंदिर में प्रार्थना करते देख डॉक्टर उससे कहता है कि ए.जे. उसकी मदद कर सकता है। गुड्डन ए.जे. से मिलती है और पर्व को रेवती की ज़िंदगी से दूर करने के लिए उसकी मदद मांगती है। बदले में गुड्डन उससे शादी करने का वादा कर देती है। ए.जे. जैसे ही अपनी बहुओं से उनके द्वारा देखी फ़िल्म को लेकर सवाल करता है वे चौंक जाती हैं। वह उन्हें शादी करने का अपना फ़ैसला बताता है। ए.जे. पुलिस थाने पहुँचकर पर्व का सामना करता है।
गुड्डन ने किया ए.जे से शादी करने का वादा - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन ने रेवती के लिए बोला झूठ - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन रेवती की नासमझी से तंग आकर पर्व के प्रेम-पत्र जला देती है। कौशल्या को कुछ गड़बड़ लगती है और वह अधजले पत्र उठाती है। आगे, वह गुड्डन से उनके बारे में सवाल करती है। गुड्डन रेवती को बचाने के लिए सारा दोष अपने ऊपर ले लेती है। कौशल्या परिवार का नाम और बर्बाद करने के पहले गुड्डन की शादी करवाने का सुझाव देती है। जिंदल भवन में, तीनों बहुएँ ए.जे. की होने वाली दुल्हन के लिए खरीददारी करती हैं। ए.जे. पुलिस थाने पहुँचता है और पर्व से अपने ही ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करने को कहता है।
गुड्डन ने रेवती के लिए बोला झूठ - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
पर्व रेवती से कहता है कि वह उससे प्यार नहीं करता - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. की मौजूदगी से अनजान पर्व अपनी पत्नी सिद्धि के साथ जिंदल भवन आता है। इस बात का ख़ुलासा होता है कि पर्व रेवती का भाई है। ए.जे. अभिमानी पर्व का पद छीन लेता है। ए.जे. के निर्देशानुसार, पर्व रेवती से कहता है कि वह उससे प्यार नहीं करता और सिद्धि से अपनी शादी नहीं तोड़ सकता। ए.जे. अपने परिवार वालों से कहता है कि उनकी सास की तलाश अब ख़त्म हो गई है और जिससे वह शादी करने जा रहा है उसे वह होने वाली पार्टी में सबसे मिलवाएगा।
पर्व रेवती से कहता है कि वह उससे प्यार नहीं करता - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. की पार्टी में शामिल हुई गुड्डन - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन ए.जे. का शुक्रिया अदा करने के लिए उससे मिलती है। ए.जे. जैसे ही उससे शादी करने को कहता है वह चौंक जाती है। ए.जे. सिद्धि और पर्व को शिमला में छुट्टियाँ मनाने के लिए टिकट्स देता है। तीनों बहुएं पार्टी में आई गुड्डन का अपमान भरा स्वागत करती हैं किंतु तभी ए.जे. वहाँ आता है और गुड्डन का साथ देता है। गुड्डन उसे पौलोमी के साथ देखती है और उसे लगता है कि वह उसकी होने वाली पत्नी है। वह यह बात रेवती को बताती है, जिसे लक्ष्मी सुन लेती है। लक्ष्मी सरस्वती और दुर्गा को इस अफवाह के बारे में बताती है।
ए.जे. की पार्टी में शामिल हुई गुड्डन - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
पौलोमी ने गुड्डन को बताया ए.जे. की मंगेतर - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
पौलोमी गुड्डन को ए.जे. की मंगेतर कहकर सबको चौंका देती है। तीनों बहुएं इस बात को स्वीकार नहीं कर पाती हैं और अपने-अपने पतियों से इसकी चर्चा करती हैं। दुर्गा ए.जे. को चेतावनी देते हुए कहती है कि गुड्डन से शादी करना उसकी गलती होगी क्योंकि न तो वह अच्छी सास बन सकती है और ना ही अच्छी पत्नी। जिंदल परिवार की संपत्ति से प्रभावित होकर, कौशल्या गुड्डन से कहती है कि उसे उसपर गर्व है। गुड्डन को याद आता है कि कैसे उसने कई बार ए.जे. को नीचा दिखाया और वह अब उससे शादी करने जा रही है।
पौलोमी ने गुड्डन को बताया ए.जे. की मंगेतर - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन ने की ए.जे. की बेइज्ज़ती - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन याद करती है कि कैसे कौशल्या उससे उसकी गलतियों की सूची दिखवाती थी और फिर उससे उसकी स्वर्गवासी माँ से माफ़ी मंगवाती थी। ए.जे. कौशल्या को फटकारता है और गुड्डन कांच के टुकड़ो पर चलकर और ए.जे. के चेहरे पर केक लगाकर उसे मुँहतोड़ जवाब देती है। आगे, वह सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा को बचाती है। ए.जे. गुड्डन के अतीत को याद करता है और सोचता है कि कैसे उसने गुड्डन से कहा था कि वह उससे शादी करना चाहता है।
गुड्डन ने की ए.जे. की बेइज्ज़ती - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
ए.जे. ने सुनाया गुड्डन से शादी करने का अपना फ़ैसला -
गुड्डन रेवती से शादी के प्रस्ताव से ख़ुश होने का झूठ बोलती है। ए.जे. गुड्डन से शादी करने के अपने फ़ैसले की घोषणा करता है। पर्व ए.जे. के गुड्डन से शादी करने का कारण सोचता है। ए.जे. की माँ उसे यह कहते हुए सुनती हैं कि वह किसी को भी अपने जीवन में अंतरा की जगह नहीं लेने देगा। गुड्डन गलती से स्विमिंग पूल में गिर जाती है और ए.जे. उसे बचाता है। गुड्डन ए.जे. को उससे पंगा न लेने की चेतावनी देती है। पर्व गुड्डन से मिलकर उसे धमकाता है। तभी ए.जे. वहाँ आता है और पर्व को भागना पड़ता है।
ए.जे. ने सुनाया गुड्डन से शादी करने का अपना फ़ैसला -
गुड्डन ए.जे. द्वारा दी अंगूठी खो बैठती है - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन को लगता है कि ए.जे. अंगूठी वापस करने और शादी तोड़ने आया है। वह जैसे ही कहता है कि उसका ऐसा कोई इरादा नहीं है और वह अब भी उससे शादी करना चाहता है, गुड्डन चौंक जाती है। लक्ष्मी और सरस्वती बड़ी चालाकी से ऐसा षड्यंत्र रचती हैं कि गुड्डन अपनी अंगूठी खो दे और दोनों कामयाब भी हो जाती हैं। घर पर, ए.जे. गुड्डन से उसे अंगूठी दिखाने को कहता है और अंगूठी न पाकर गुड्डन आश्चर्य में पड़ जाती है।
गुड्डन ए.जे. द्वारा दी अंगूठी खो बैठती है - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन और ए.जे. की हुई सगाई - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन को यह एहसास होती है कि उसने अंगूठी खो दी है और वह पागलों की तरह अंगूठी ढूंढती है। जिंदल भवन में, कौशल्या नकली अंगूठी दिखाकर ए.जे. को बेवकूफ बनाने का प्रयास करती है किंतु उसका झूठ पकड़ा जाता है। गुड्डन ए.जे. से पूछती है कि उसकी कमियों और अंतरा के लिए उसके प्यार के बावजूद वह उससे शादी क्यों करना चाहता है। ए.जे. ज्यादा कुछ कहे बगैर बस उससे इतना कहता है कि उनके मेल न खाने के बावजूद भी वह उससे शादी करना चाहता है। आगे, गुड्डन और ए.जे. सगाई की रस्म अदा करते हैं।
गुड्डन और ए.जे. की हुई सगाई - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन की मदद करने के लिए तैयार हुई दुर्गा - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
दुर्गा ए.जे. और गुड्डन की सगाई तोड़ने के चक्कर में अंतरा की अंगूठी चुराने के लिए सरस्वती और लक्ष्मी को फटकार लगाती है। आगे, वह गुड्डन के घर आकर उसका अपमान करती है। उसे और बेइज्ज़त करने के लिए वह गुड्डन को नागफनी की बनी माला भेंट करती है। गुड्डन दुर्गा से कहती है कि अपनी मर्ज़ी से शादी नहीं कर रही है। यह सुनकर दुर्गा उसकी मदद करने के लिए तैयार हो जाती है। दुर्गा लक्ष्मी और सरस्वती से कहती है कि वह उन्हें सबक सिखाना चाहती थी और इसलिए उसके उनके गहने छुपाए थे।
गुड्डन की मदद करने के लिए तैयार हुई दुर्गा - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
शुरू हुई गुड्डन की शादी की रस्में - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
गुड्डन की ए.जे. से अपनी शादी तोड़ने की अपनी योजना के बारे में उसे बताने की इच्छा होती है। हालांकि वह उसे यह बता नहीं पाती है। हल्दी की रस्म शुरू होती है और वहाँ का माहौल देख गुड्डन सोचती है कि दुर्गा उसकी शादी आखिर कैसे तोड़ने वाली है। तीनों बहुएं बेमन से गुड्डन से आशीर्वाद लेती हैं। आगे, गुड्डन और ए.जे. एक प्यार भरा डांस करते हैं। डांस ख़त्म होते ही गुड्डन गलती से ए.जे. के ऊपर गिर जाती है।
शुरू हुई गुड्डन की शादी की रस्में - गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा
Details About गुड्डन तुमसे ना हो पायेगा TV Show :
| Movie Released Date | 3 Sep 2018 |
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