
कहत हनुमान जय श्री राम
Available in Hindi
भगवान राम के परम भक्त हनुमान पर आधारित यह धारावाहिक हनुमान और उनकी माता अंजनी के अनोखे बंधन को दर्शाता है और बताता है कि हनुमान ने कैसे दुष्ट रावण का अंत करने में भगवान राम की सहायता कैसे की।
Director & Cast
TV Show Details
केसरी और अंजनी ने संतान प्राप्ति के लिए किया कठोर तप - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, रावण का अंत करने के लिए भगवान विष्णु राम अवतार और भगवान शिव हनुमान के रूप में जन्म लेने का निर्णय करते हैं। राजा केसरी और महारानी अंजनी संतान प्राप्ति के लिए कठोर तप करते हैं। पवन देव शिशु रूपी हनुमान को अंजनी के गर्भ में स्थापित कर देते हैं।
केसरी और अंजनी ने संतान प्राप्ति के लिए किया कठोर तप - कहत हनुमान जय श्री राम
इंद्रदेव ने किया केसरी और गर्भवती अंजनी को मारने का प्रयास - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, नारद मुनि इंद्रदेव को सृष्टि के कंपित होने का कारण बताते हैं। इंद्रदेव अपने सिंहासन पर संकट आने को लेकर भयभीत होते हैं। आगे, राजा केसरी और गर्भवती अंजनी अपने पूर्वजों के पर्वत की यात्रा पर निकलते हैं। इंद्रदेव उन्हें मारने का प्रयास करते हैं।
इंद्रदेव ने किया केसरी और गर्भवती अंजनी को मारने का प्रयास - कहत हनुमान जय श्री राम
बाली ने दिया अंजनी के बच्चे को ख़त्म करने का वचन - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, भगवान शिव राजा केसरी और माता अंजनी के प्राण बचाते हैं। जामवंत अंजनी की गोद भराई की रस्म में पहुँचते हैं। सुग्रीव, तारा और रूमा भी केसरी महल पहुँचते हैं। इंद्रदेव बाली को भड़काते हैं और वह अंजनी के बच्चे को ख़त्म करने का वचन देता है।
बाली ने दिया अंजनी के बच्चे को ख़त्म करने का वचन - कहत हनुमान जय श्री राम
बाली ने खीर में मिलाया विष - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, बाली से डरकर एक वैद्य उसे संसार का सबसे घातक विष दे देता है। बाली वह विष लेकर राजा केसरी के महल में आता है, जहाँ अंजनी की गोद भराई की रस्म चल रही होती है। आगे, तारा अंजनी के लिए खीर लेकर जाती है और बाली चालाकी से उस खीर में विष मिला देता है।
बाली ने खीर में मिलाया विष - कहत हनुमान जय श्री राम
अंजनी ने दिया पुत्र को जन्म - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, विष मिली हुई खीर खाने से गर्भवती अंजनी की हालत बिगड़ जाती है। केसरी भगवान शिव से अंजनी की रक्षा करने की विनती करते हैं। विष का प्रभाव पूरे कैलाश पर्वत पर होने लगता है। आगे, अंजनी एक पुत्र को जन्म देती हैं और यह देखकर बाली हैरान हो जाता है।
अंजनी ने दिया पुत्र को जन्म - कहत हनुमान जय श्री राम
पाँच वर्ष के हुए अंजनी पुत्र मारुति - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, महल में अंजनी के पुत्र मारुति के पांचवे जन्मदिवस पर पूजा की तैयारियां होती हैं। आगे, केसरी और अंजनी मारुति को कुलदेवता पवनदेव के मंदिर लेकर जाते हैं। पुरोहित मारुति को पवनदेव की पूजा करने के लिए एक धार्मिक कार्य पूर्ण करने का आदेश देते हैं।
पाँच वर्ष के हुए अंजनी पुत्र मारुति - कहत हनुमान जय श्री राम
आम खाने की लालच में बगीचे में गए मारुति - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति पवनदेव की पूजा करने के बजाय अंजनी को अपना भगवान मानकर उनकी पूजा करता है। आगे, जामवंत के रोकने के बावजूद मारुति अपने मित्रों के साथ विशाल विभाजित दीवार की ओर चला जाता है। वे आम खाने की लालच में दीवार के पास स्थित बगीचे में पहुँचते हैं।
आम खाने की लालच में बगीचे में गए मारुति - कहत हनुमान जय श्री राम
राक्षस दिव्यकर्ण से हुआ मारुति का सामना - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति और उसके मित्र बगीचे से आम चुराते हैं। माली उन्हें सबक सिखाने के लिए जाल में कैद कर लेता है। दीवार के उस पार राक्षस दिव्यकर्ण को वानर बच्चों के आस-पास होने का आभास होता है। वह उन्हें खाने के इरादे से दीवार फांदकर बगीचे में आ जाता है।
राक्षस दिव्यकर्ण से हुआ मारुति का सामना - कहत हनुमान जय श्री राम
बलशाली मारुति से परास्त हुआ दिव्यकर्ण - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति खुद को और अपने मित्रों को जाल से मुक्त कराते है। वह दिव्यकर्ण से माली की जान बचाकर उसे लड़ने के लिए ललकारते है। दिव्यकर्ण की दहाड़ से भी मारुति भयभीत नहीं होते है। वह दिव्यकर्ण को उठाकर फेंक देते है और यह देखकर जामवंत चकित हो जाते है।
बलशाली मारुति से परास्त हुआ दिव्यकर्ण - कहत हनुमान जय श्री राम
भगवान शिव ने पूरी की नंदी की इच्छा - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, जामवंत मारुति से वचन लेता है कि वह राक्षस को मारने वाली बात किसी को नहीं बताएगा। नंदी और भृंगी भगवान शिव के सामने अपनी एक इच्छा जताते हैं। आगे, मारुति पशुओं को महल लेकर आता है और उन्हें भोजन कराता है। फिर वह नंदी की इच्छा पूरी करता है।
भगवान शिव ने पूरी की नंदी की इच्छा - कहत हनुमान जय श्री राम
जामवंत को पता चला मारुति के जन्म का उद्देश्य - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, जामवंत को विश्वास हो जाता है कि मारुति कोई दिव्य बालक है। ब्रह्मदेव जामवंत को मारुति के जन्म का उद्देश्य बताते हैं। जामवंत ऋषि मतंग को यह बात बताते हैं। आगे, जामवंत मारुति को भक्ति की ओर प्रोत्साहित करने हेतु श्री विष्णु की एक कथा सुनाते हैं।
जामवंत को पता चला मारुति के जन्म का उद्देश्य - कहत हनुमान जय श्री राम
जामवंत ने मारुति को सुनाई विष्णु अवतारों की कथा - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति सुबह होते ही अपने मित्रों को साथ लेकर जामवंत के पास पहुँच जाता है। जामवंत उन्हें विष्णु के अवतारों की कथा सुनाते हैं। मारुति को अपने आराध्य देव को ढूंढने का एक मार्ग मिल जाता है। महल में अंजनी चंद्र पूर्णिमा पर पूजा की तैयारी करती हैं।
जामवंत ने मारुति को सुनाई विष्णु अवतारों की कथा - कहत हनुमान जय श्री राम
मारुति की भक्ति से संकट में पड़े चंद्रदेव - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति चंद्रदेव की पूजा करता है, जिसके प्रभाव से उनका प्रकाश बढ़ जाता है और शरीर तपने लगता है। चंद्रदेव भगवान शिव से रक्षा करने की विनती करते हैं। मारुति को पता चल जाता है कि चंद्रदेव उसके आराध्य नहीं हैं। आगे, मारुति के सखा उससे रूठ जाते हैं।
मारुति की भक्ति से संकट में पड़े चंद्रदेव - कहत हनुमान जय श्री राम
मारुति ने मतंग ऋषि के उपदेश का गलत अर्थ समझा - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति अपने रूठे सखाओं को मना लेता है। आगे, मतंग ऋषि मारुति को भक्त ध्रुव की कथा सुनाते हैं। मारुति मतंग ऋषि के उपदेश का गलत अर्थ समझ लेता है और आराध्य की खोज में ज्ञानसरोवर जाने का निश्चय करता है। वह अनुमति लेने के लिए अंजनी के पास जाता है।
मारुति ने मतंग ऋषि के उपदेश का गलत अर्थ समझा - कहत हनुमान जय श्री राम
ज्ञानसरोवर जाने के लिए निकला मारुति - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति अपने आराध्य की खोज में ज्ञानसरोवर जाने के लिए रात में महल से निकलता है। अंजनी एक बुरा स्वप्न देखकर व्याकुल हो जाती हैं। आगे, जंगल में एक पिशाच भेष बदलकर मारुति के सामने आता है। मारुति के स्पर्श से उस पिशाच का उद्धार होता है।
ज्ञानसरोवर जाने के लिए निकला मारुति - कहत हनुमान जय श्री राम
भगवान शिव ने सुनाई अंजनी को मिले श्राप की कथा - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति अपने आराध्य की खोज ज़ारी रखता है। अंजनी ऋषि दुर्वासा के आने को लेकर घबराती हैं। भगवान शिव देवी पार्वती को ऋषि दुर्वासा द्वारा पूर्व जन्म में अंजनी को दिए श्राप की कथा सुनाते हैं। आगे, महादेव मारुति का मार्गदर्शन करने जंगल पहुँचते हैं।
भगवान शिव ने सुनाई अंजनी को मिले श्राप की कथा - कहत हनुमान जय श्री राम
संकट में हैं मारुति के प्राण - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, महादेव मारुति को अपना नाम भोले बाबा बताते हैं। ऋषि दुर्वासा मारुति से मिलने की इच्छा ज़ाहिर करते हैं। आगे, महादेव मारुति की परीक्षा लेना तय करते हैं। मारुति उनके लिए भोजन तलाशने निकलता है और उसके सामने सुजान और सुकेतु नामक मुसीबत आ जाती हैं।
संकट में हैं मारुति के प्राण - कहत हनुमान जय श्री राम
क्या महादेव को आखिरी लड्डू भी दे देगा मारुति? - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति सुजान और सुकेतु का उद्धार करते हैं। महादेव उन्हें फल खिलाने के लिए मारुति पर भड़कते हैं और उससे लड्डू की माँग करते हैं। मारुति मजबूरन उन्हें लड्डू खिलाता है। महादेव जब उससे आखिरी लड्डू की माँग करते हैं, तो वह दुविधा में पड़ जाता है।
क्या महादेव को आखिरी लड्डू भी दे देगा मारुति? - कहत हनुमान जय श्री राम
मारुति हुआ महादेव की परीक्षा में सफल - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, महादेव मारुति की बुद्धि की परीक्षा लेने के लिए उसे जल लाने को कहते हैं। जल लाने के दौरान मारुति 3 प्रश्नों का सामना करता है और उनके सही उत्तर देकर परीक्षा में सफल हो जाता है। उधर ऋषि दुर्वासा अंजनी और मारुति को श्राप देने का मन बना लेते हैं।
मारुति हुआ महादेव की परीक्षा में सफल - कहत हनुमान जय श्री राम
मारुति ने जाना कौन हैं उसके आराध्य - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, जामवंत क्रोधित ऋषि दुर्वासा को शांत करने की कोशिश करते हैं। महादेव मारुति की भक्ति को परखने के लिए उसके समक्ष एक और चुनौती रख देते हैं। किंतु मारुति की हठ उन्हें उसके सामने आने पर विवश कर देती है और मारुति को उसके आराध्य का नाम मिल जाता है।
मारुति ने जाना कौन हैं उसके आराध्य - कहत हनुमान जय श्री राम
ऋषि दुर्वासा का मारुति को उपदेश - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, राम की भक्ति में मग्न होकर मारुति और महादेव साथ नृत्य करते हैं। महल वापसी के दौरान मारुति की भेंट ऋषि दुर्वासा से होती है, जो मारुति को राम नाम की महिमा का साक्षी बनने का उपदेश देते हैं। महल आकर मारुति माता अंजनी के क्रोध का सामना करता है।
ऋषि दुर्वासा का मारुति को उपदेश - कहत हनुमान जय श्री राम
मारुति बना राम नाम की महिमा का साक्षी - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, क्रोधित अंजनी मारुति को गौशाला में बंद कर देती हैं। मारुति उन्हें मनाने के लिए राम नाम का सहारा लेता है। आगे, राम नाम की महिमा से किष्किन्धा में दूध की नदी बहने लगती है। मारुति राम की महिमा का साक्षी बन उसका प्रसार करने का निश्चय करता है।
मारुति बना राम नाम की महिमा का साक्षी - कहत हनुमान जय श्री राम
भेष बदलकर मारुति के सामने आया रक्तासुर - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, मारुति अपने मित्रों को राम नाम की महिमा से अवगत कराता है। अंजनी मारुति को महादेव की पूजा के आयोजन के बारे में बताती हैं। जंगल में रक्तासुर और उसके तीनों राक्षसों की नज़र मारुति और उसके मित्रों पर पड़ती है। वे चारों भेष बदलकर उनके सामने आते हैं।
भेष बदलकर मारुति के सामने आया रक्तासुर - कहत हनुमान जय श्री राम
सुमेरु राज्य में आया संकट - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, साधु ज्ञानानंद के भेष में रक्तासुर मारुति पर संकट आने की झूठी भविष्यवाणी करके अंजनी और केसरी को डरा देता है। ज्ञानानंद के कहने पर, मारुति मध्यरात्रि में पूजा करने का निश्चय करता है। रात में सभी राक्षस महल में आक्रमण की तैयारी करते हैं।
सुमेरु राज्य में आया संकट - कहत हनुमान जय श्री राम
रक्तासुर ने रचा मारुति को मारने का षड्यंत्र - कहत हनुमान जय श्री राम
धारावाहिक ‘कहत हनुमान जय श्री राम’ के संपूर्ण एपिसोड में, पूजा के दौरान मारुति जैसे ही घंटी बजाता है राक्षसों के कान में पीड़ा होने लगती है। वह अनजाने में उन्हें एक पेड़ से बाँध देता है। राक्षस जैसे ही राम नाम की महिमा देखते हैं वह चौंक जाते हैं। आगे, रक्तासुर मारुति को मारने के लिए एक योजना बनाता है।
रक्तासुर ने रचा मारुति को मारने का षड्यंत्र - कहत हनुमान जय श्री राम
Details About कहत हनुमान जय श्री राम TV Show :
| Movie Released Date | 7 Jan 2020 |
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