
आर्ट ऑफ लिविंग
Available in Hindi
आर्ट ऑफ लिविंग के इस कार्यक्रम में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी हमें शुद्ध धर्म को समझाते हैं। शुद्ध धर्म के प्रत्येक अंग को विवरण के साथ समझाते हुए, हमें विपश्यना ध्यान साधना से अवगत कराते हैं। शुद्ध धर्म को धारण करने से जीने की कला आती है; तथा कैसे दुखों से छुटकारा पाकर हमारे मन में सुख-शांति आती है, इन महत्वपूर्ण विषयों पर वह प्रकाश डालते हैं। इस कार्यक्रम में विपश्यना आचार्य हमें अनित्य से ध्रुव तक पहुंचाने वाली यात्रा के बारे में समझाते हैं।
Director & Cast
TV Show Details
एपिसोड़ 1 - शुद्ध धर्म - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव के बीच हमें अपने मन को कैसे समता में कायम रखना है, कैसे उसे विकारों से विकृत होने से बचाना है, जिससे मन में सुख शांति आएगी, इन बातों को बड़ी गहराई के साथ समझाते हैं। सही मायने में धर्म किसे कहते हैं, उसका स्वभाव क्या होता है, उसे भी विवरण के साथ समझाते हैं।
एपिसोड़ 1 - शुद्ध धर्म - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 2 - धर्म सबका होता है - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, फिर एक बार धर्म को विवरण के साथ समझाते हैं। यहाँ गोयंका जी, धर्म और संप्रदाय के भेद को भली-भांति स्पष्ट करके बताते हैं; साथ ही किसे धर्म की रक्षा करना कहते हैं और धर्म हमारी कैसे रक्षा करता है, इस विषय पर भी प्रकाश डालते हैं।
एपिसोड़ 2 - धर्म सबका होता है - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 3 - निर्मल चित्त - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, धर्म किस मापदंड से मापा जाता है, इस बात के साथ-साथ किसे धार्मिक कहते हैं, उसे भी विवरण के साथ समझाते हैं। यहाँ गोयंका जी, चित्त को निर्मल करने वाले धर्म को बड़ी गहराई से समझाते हैं।
एपिसोड़ 3 - निर्मल चित्त - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 4 - धर्म वैज्ञानिक होता है - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, धर्म के स्वभाव को जो जान लेगा, उसे जीने की कला आ जाती है, इस बात पर प्रकाश डालते हैं। विपश्यना आचार्य, धर्म शुद्ध वैज्ञानिक होता है इस बात को विवरण के साथ समझाते हुए, धर्म में पुष्ट होना किसे कहते हैं, उसे भी समझाते हैं।
एपिसोड़ 4 - धर्म वैज्ञानिक होता है - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 5 - यथार्थ का दर्शन करें - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, धर्म के चरणों के बारे में बताते हैं। सदाचरण के 5 अंगो के बारे में बताते हुए, मन पर मलकियत कैसे हासिल करें उसे भी विवरण के साथ समझाते हैं। अपने बारे में सच्चाई को जानने के साथ-साथ चित्त को निर्मल करने का अभ्यास करना बहुत जरुरी है, इस बात को बड़ी गहराई से समझाते हैं।
एपिसोड़ 5 - यथार्थ का दर्शन करें - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 6 - शील, समाधी, प्रज्ञा - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, अध्यात्म के ऊँचे शिखर तक पहुँचने के लिए जो तीन महत्वपूर्ण सोपान होते हैं, जोकि शील, समाधी और प्रज्ञा हैं, इन तीनों सोपनों को बड़ी गहराई के साथ विवरण देकर समझाते हैं। यहाँ गोयंका जी, सांस के प्रति जागरूक रहने के बारे में बताते हैं। इस क्षण की सच्चाई को जानते हुए, हम अपने विकारों से कैसे मुक्ति पा सकते हैं, इस बात पर प्रकाश डालते हैं। साथ ही मानने और जानने में क्या भेद है उसे भी स्पष्ट करके बताते हैं।
एपिसोड़ 6 - शील, समाधी, प्रज्ञा - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 7 - क्षण-प्रतिक्षण सजग रहें - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी हमें बताते हैं कि जितने-जितने हम सत्य के सहारे रहेंगे, उतनी-उतनी हमारे मन में निर्मलता आने लगेगी। यहाँ गोयंका जी, किसे सत्य कहते हैं उसे समझाने के साथ-साथ कैसे हम दुख से बाहर निकल सकते हैं, उस पर भी प्रकाश डालते हैं। विपश्यना आचार्य सूक्ष्म ज्ञान की अनुभूति के विषय को भी विवरण के साथ समझाते हैं।
एपिसोड़ 7 - क्षण-प्रतिक्षण सजग रहें - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 8 - मुक्तिदायिनी विपश्यना विद्या - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, मन को विकारों से मुक्त करने वाली कल्याणकारिणी विपश्यना साधना के बारे में बताते हैं। यह, मुक्तिदायिनी साधना कैसे काम करती है, जिससे हमारा मन नितांत निर्मल होता है उसे समझाते हुए, विपश्यना आचार्य आगे बताते हैं कि कैसे सांस का और शरीर के सवेंदनाओं का मन से संबंध होता है, उसे विवरण के साथ बताते हैं। धर्म की राह पर चलते वक्त साधक को एक वैज्ञानिक की तरह अध्ययन करना होता है, इस बात को समझाते हैं।
एपिसोड़ 8 - मुक्तिदायिनी विपश्यना विद्या - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 9 - भीतर की सच्चाई को यथाभूत देखें - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, विपश्यना साधना के अभ्यास से हम कैसे अपने भीतर की सच्चाई का दर्शन करतें हैं, इस विषय को गहराई से समझाते हुए गोयंका जी आगे, अंतर चक्षु के विषय के बारे में बताते हैं। यहाँ विपश्यना आचार्य, अनित्य से ध्रुव तक पहुंचाने वाली यात्रा के बारे में समझाते हैं।
एपिसोड़ 9 - भीतर की सच्चाई को यथाभूत देखें - आर्ट ऑफ लिविंग
एपिसोड़ 10 - सार्वजनीन धर्म - आर्ट ऑफ लिविंग
आर्ट ऑफ लिविंग के इस एपिसोड़ में, विपश्यना ध्यान साधना के प्रमुख आचार्य श्री एस.एन. गोयंका जी, सार्वजनीन धर्म के बारे में समझाते हुए विकारों से छुटकारा दिलाने वाली विपश्यना के बारे में बताते हैं। विपश्यना आचार्य समझाते हैं कि शील, समाधी और प्रज्ञा इन चरणों का पालन करने से, उनका अभ्यास करने से कैसे अपने भीतर का सारा स्वभाव हमें समझ में आने लगता है। इस बात को श्री गोयंका जी ने अनेक संतों का उदाहण देकर बड़ी गहराई से समझाया हैं।
एपिसोड़ 10 - सार्वजनीन धर्म - आर्ट ऑफ लिविंग
Details About आर्ट ऑफ लिविंग TV Show :
| Movie Released Date | 16 Apr 2020 |
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