सचिन तेंदुलकर फिर बने सैकड़ों बच्चों के मसीहा, मध्य प्रदेश के बच्चों को किया सपोर्ट

सचिन तेंदुलकर ने 560 बच्चों के खाने-पीने से लेकर शिक्षा तक का भार उठाने का फैसला किया है। इस तरह सचिन मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बच्चों के मसीहा बन गए हैं।

vikash gaur

September 15, 2020

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zeenews

नई दिल्ली, पीटीआइ। महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने एक महान काम किया है। सचिन तेंदुलकर सैकड़ों बच्चों के मसीहा बन गए हैं। भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के 560 आदिवासी बच्चों को सपोर्ट करने के लिए एक एनजीओ के साथ हाथ मिलाया है। तेंदुलकर ने ‘एनजीओ परिवार’ के साथ भागीदारी की है, जिसने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में दूरदराज के गांवों में सेवा कुटीर का निर्माण किया है।

सीहोर जिले के सेवानिया, बीलपति, खापा, नयापुरा और जामुनझील के बच्चों को अब सचिन तेंदुलकर के फाउंडेशन की मदद से पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। इसके अलावा इन गांव के बच्चों को शिक्षा भी दी जा रही है। बच्चे मुख्य रूप से बरेला भील और गोंड जनजातियों से हैं। एक प्रेस रिलीज में कहा गया है, “सचिन की यह पहल मध्य प्रदेश के उन आदिवासी बच्चों के प्रति उनकी चिंता का प्रमाण है, जो कुपोषण और अशिक्षा से त्रस्त हैं।”

सचिन तेंदुलकर अक्सर बच्चों के हित में काम करते रहते हैं। सचिन विशेष रूप से हाशिए के नीचे के लोगों और समाज के आर्थिक रूप से संपन्न नहीं होने वाले तबके के लोगों के लिए काम करते हैं। यूनिसेफ के सद्भावना दूत के रूप में सचिन तेंदुलकर ने नियमित रूप से ‘Early Childhood Development’ जैसे हस्तक्षेपों के बारे में बात की है। वह बच्चों के लिए कई पहलों से जुड़े रहे हैं।

इनमें से हाल ही में मुंबई में एसआरसीसी चिल्ड्रन हॉस्पिटल में कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के बच्चों के इलाज के लिए उनके द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता शामिल है। दिसंबर 2019 में सचिन तेंदुलकर ने ‘स्प्रेडिंग हैप्पीनेस इंडिया फाउंडेशन’ के माध्यम से मुंबई के श्री गाडगे महाराज आश्रम स्कूल, भिवली में डिजिटल क्लासरूम चलाने और आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के लिए हरित ऊर्जा प्रदान करने के लिए सौर प्रकाश व्यवस्था की स्थापना की थी।

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