मिस्बाह बने रहेंगे पाकिस्तान टीम के चीफ सलेक्टर, PCB ने शोएब अख्तर को दिया झटका

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस बात का ऐलान कर दिया है मिस्बाह उल हक पाकिस्तान की टीम के मुख्य चयनकर्ता बने रहेंगे। मिस्बाह को इस समय दो-दो जिम्मेदारियां मिली हुई हैं।

vikash gaur

September 15, 2020

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zeenews

इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि सलेक्शन कमेटी में कोई बदलाव नहीं होगा। पीसीबी ने कहा है कि मिस्बाह उल हक चीफ सलेक्टर के पद पर बने रहेंगे। साथ ही साथ वे टीम के मुख्य कोच भी हैं। मीडिया और सोशल मीडिया पर इस तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को मिस्बाह उल हक की जगह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सलेक्शन कमेटी का नया चेयरमैन नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं होगा।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार और खुद शोएब अख्तर ने इस बात को कबूल किया था कि उनको पीसीबी की ओर से मुख्य चयनकर्ता बनने का ऑफर दिया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन एहसान मनी और बोर्ड के सीईओ वसीम खान के बीच एक प्राइवेट मीटिंग हुई थी, जिसके बाद ऐसी अफवाह थी कि मिस्बाह से एक जिम्मेदारी को छीना जा सकता है, लेकिन द न्यूज से बात करते हुए बोर्ड के एक करीबी ने कहा है कि पीसीबी की सलेक्शन कमेटी में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा।

पीसीबी अधिकारी ने कहा है, “ये सिर्फ अफवाहें हैं और कुछ नहीं। हमारे पास इस समय चयन समिति में कोई बदलाव करने की योजना नहीं है। हम ऐसा कैसे कर सकते हैं? हमने अभी तक मूल्यांकन के लिए प्रमुख पद बनाए हैं। हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सभी प्रमुख पद एक निर्धारित अवधि के पूरा होने पर गहन मूल्यांकन होगा और फिर इन पदों के लिए फैसला लिया जाएगा। उस पुनर्जीवित का संचालन किया जाना बाकी है, इसलिए समिति में किसी भी तरह का बदलाव करने का कोई कारण नहीं है।”

उन्होंने पीसीबी शीर्ष लोगों के साथ शोएब अख्तर की हालिया बैठक को पूरी तरह से निजी बताया। उन्होंने कहा, “शोएब ने मिलने के लिए अनुरोध किया था और वह मनी और वसीम के इस्लामाबाद प्रवास के दौरान मिले थे। उस बैठक का कोई और कारण नहीं था सिवाय इसके कि पूर्व टेस्ट क्रिकेटर पीसीबी के शीर्ष लोगों से मिलना चाहते थे।” दरअसल, इंग्लैंड दौरे के बाद इस तरह की खबरें सामने आई थीं कि मिस्बाह से चीफ सलेक्टर की पोस्ट छीनी जा सकती है, क्योंकि कोचिंग के साथ-साथ उन पर चयन का दबाव होता है।

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