ध्रुपद गायक गुंदेचा बंधुओं पर विदेशी शिष्या ने लगाया यौन शोषण का आरोप

ध्रुपद फैमिली यूरोप नाम के एक फेसबुक ग्रुप की पोस्ट के बाद यौन शोषण के आरोप पहली बार सामने आए।

arun kumar singh

September 15, 2020

National

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zeenews

भोपाल, राज्‍य ब्‍यूरो। एमपी में भोपाल स्थित आवासीय गुरुकुल ध्रुपद संस्थान के दो लोकप्रिय गुरुजन के खिलाफ विदेशी शिष्या ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस में इस बारे में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। विदेशी शिष्या द्वारा सोशल मीडिया के जरिए स्व. रमाकांत गुंदेचा और उनके छोटे भाई अखिलेश गुंदेचा पर आरोप लगाए गए हैं। इधर, इस बारे में ध्रुपद संस्थान ने पत्र जारी कर निष्पक्ष जांच के लिए आंतरिक समिति का गठन किया है, लेकिन संस्थान के पूर्व शिष्यों ने समिति पर अविश्वास जाहिर किया है। इस बीच संस्थान का हॉस्टल खाली कर शिष्य वहां से जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्‍द ही इसके लिए नई आंतरिक समिति का गठन किया जाएगा।    

जांच समिति में बाहरी लोगों को रखना था

सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व शिष्यों का कहना है कि जांच समिति के सदस्य ध्रुपद संस्थान से जुड़े लोग ही बनाए गए हैं। इस प्रकार यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि उनकी जांच निष्पक्ष होगी। समिति में बाहरी व्यक्तियों को भी रखना था। 

80 फीसद बच्चे रवाना 

इस घटनाक्रम के बाद भोपाल के सूरज नगर स्थित ध्रुपद संस्थान के हॉस्टल से 80 फीसदी बच्चे जा चुके हैं। हालांकि संस्थान के कर्मचारियों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान बच्चे यहीं पर थे और कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इसलिए अब अनलॉक होने के बाद सभी अपने घर गए हैं। साथ ही इस समय गुरुजी भी छुट्टी पर हैं। उल्लेखनीय है कि ध्रुपद संस्थान की शाखाएं विदेशों में भी हैं और देश-विदेश में उनके शिष्य हैं। 

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यह है पूरा मामला 

ध्रुपद फैमिली यूरोप नाम के एक फेसबुक ग्रुप की पोस्ट के बाद यौन शोषण के आरोप पहली बार सामने आए। हॉलैंड के एम्सटडर्म की एक योग शिक्षक और ध्रुपद संस्थान की पूर्व शिष्या ने यह फेसबुक पोस्ट दो सितंबर को लिखी थी, उसका कहना है कि उन्होंने अपनी एक दोस्त की ओर से इस तथ्य को सार्वजनिक किया है, क्योंकि वह अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती है। फेसबुक पोस्ट में कहा गया कि ध्रुपद संस्थान में कई छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया गया और संगीत क्षेत्र में कॅरियर की बात कहकर उनसे समझौता करने को कहा गया। 

विशेष रूप से छोटे-छोटे कस्बों से आई छात्राओं ने संगीत सीखने की वजह से इस दु‌र्व्यवहार को सहा। इन आरोपों में महिला ने कुछ और कलाकारों का साथ होने की बात कही है। हालांकि उन्होंने किसी तरह के सबूत नहीं पेश किए हैं, लेकिन यह लिखा है कि भारत, यूरोप, अमेरिका के हम कुछ लोग सबूत और गवाह हैं। हम अखिलेश और रमाकांत द्वारा किए गए शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के खिलाफ एक साथ आ रहे हैं। कला जगत से जुड़े दुनिया भर के लोगों ने इस पोस्ट पर गहरी प्रतिक्रिया दी थी। 

रमाकांत की गत वर्ष मृत्यु हो गई, दो भाई चला रहे संस्थान गुंदेचा बंधुओं में से रमाकांत गुंदेचा की पिछले साल दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। उनके बड़े भाई उमाकांत गुंदेचा ध्रुपद संस्थान के चेयरमैन हैं। अखिलेश गुंदेचा इनके छोटे भाई हैं और पखावज वादक हैं। गुंदेचा बंधुओं (रमाकांत और उमाकांत) को 2012 में पद्मश्री और 2017 में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। बता दें कि ध्रुपद देश के सबसे पुराने शास्त्रीय संगीत प्रारूपों में से एक है। ध्रुपद संस्थान एक आवासीय शास्त्रीय संगीत गुरकुल है, जिसे यूनेस्को ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिया है। 

अखिलेश ने खुद को संस्थान से अलग किया 

ध्रुपद संस्थान के चेयरमैन उमाकांत गुंदेचा द्वारा जारी पत्र में कहा गया था कि जब तक समिति की रिपोर्ट पेश नहीं होती, तब तक अखिलेश ने स्वेच्छा से खुद को ध्रुपद संस्थान की सभी गतिविधियों से दूर कर लिया है। यह हमारा आंतरिक मामला हॉस्टल खाली होनी की सच्चाई का पता और संस्थान की प्रतिक्रिया लगाने रविवार शाम 4.30 बजे जब रिपोर्टर ध्रुपद संस्थान पहुंचा तो मुख्य दरवाजा बंद था। अंदर मौजूद एक लड़की को बुलाने पर उसने दूर से ही कहा कि आप कौन हैं। यह हमारा अंदरूनी मामला है और मुझे किसी से कोई बात नहीं करनी।

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