शिनजियांग में घटने के बजाए बढ़ती ही जा रही हिरासत शिविरों की संख्या: ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक

चीन ने उइगर समुदाय के मुसलमानों को शिनजियांग के हिरासत शिविरों में कैद कर रखा है। ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक के अनुसार इन शिविरों की संख्या 380 से भी अधिक है जहां अल्पसंख्यक मुस्लिमों को कैद कर रखा गया है।

monika minal

September 26, 2020

Other

World

1 min

zeenews

कैनबरा, एपी। चीन द्वारा अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय उइगर  के शोषण व अत्याचार से दुनिया अवगत है। अब ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इस प्रांत में बीजिंग ने 380 से अधिक हिरासत शिविर बना रखा है जहां उइगर समुदाय कैदी की तरह रहने को मजबूर हैं। 

शिनजियांग में चीन अपने गोपनीय हिरासत शिविरों की संख्या  बढ़ा रहा है जहां अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय को कैद कर के रखा हुआ है। यह जानकारी ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक ने दी है। ऑस्ट्रेलियाई स्ट्रैटजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट ने सैटेलाइट इमेज और आधिकारिक कंस्ट्रक्शन टेंडर कागजातों के इस्तेमाल  के जरिए 380 से अधिक हिरासत शिविरों का पता लगाया है।  

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही बर्बरता पर रोशनी डालने के लिए एक नया वेबपेज जारी किया है। ऑस्‍ट्रेलियन थिंक टैंक की रिपोर्ट के अनुसार, सभी हिरासत केंद्र चीन के पश्चिमी इलाकों में निर्मित किए गए। सैटलाइट से प्राप्त तस्‍वीरों से इन शिविरों का पता चला है। हालांकि चीन का दावा है कि अल्पसंख्यक समुदाय को फिर से शिक्षित किए जाने का काम खत्म होने वाला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई 2020 तक 61 नए हिरासत शिविरों का निर्माण कार्य हुआ और इसमें कम से कम 14 का काम अभी जारी है।

 इंस्‍टीट्यूट के शोधकर्ता नाथन रुजर ने कहा, ‘इन तस्‍वीरों से मिले सबूत के आधार पर यह पता चलता है कि चीनी अधिकारियों के दावे के विपरीत नए हिरासत शिविरों के निर्माण में वृहत पैमाने पर निवेश किया गया है।  ‘ रुजर ने आगे लिखा, ‘करीब 50 फीसद उच्च सुरक्षा सुविधाओं के साथ है। कम से कम 70 फैसिलिटीज की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। ‘ 

ऑस्‍ट्रेलियन स्‍ट्रेटजिक पॉलिसी इंस्‍टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, ये हिरासत शिविर देश के सुदूरवर्ती पश्चिमी इलाके में बनाए गए हैं। इसमें उइगरों और अन्‍य मुस्लिम अल्‍पसंख्‍यकों को रखा जाता है। सैटलाइट तस्‍वीरों का हवाला देते हुए बताया गया है कि वर्ष 2017 से ही यहां शिविरों का निर्माण कार्य जारी है। इसके भीतर सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए गए हैं। 

Related News

More Loader