US Elections 2020: चुनाव में हार के बाद सत्ता के शांतिपूर्ण ट्रांसफर से ट्रंप का इनकार, कहा- सुप्रीम कोर्ट में होगा खत्म

3 नवंबर को अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव है जिसके लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन और रिपब्लिकन उम्मीदवार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं। ट्रंप ने चुनाव में हार के बाद सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण की गारंटी देने से इनकार कर दिया है।

monika minal

September 25, 2020

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zeenews

वाशिंगटन, एपी। राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद सत्ता के हस्तांतरण के मामले पर एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump) ने बुधवार को कहा कि वे  शांतिपूर्ण हस्तांतरण की गारंटी नहीं दे सकते साथ ही चुनावी जंग को सुप्रीम कोर्ट में खत्म करने की बात कही। 

दरअसल, ट्रंप एक सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें  उनसे पूछा गया था कि यदि नवंबर के चुनाव में वो डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन से हार जाते हैं तो सत्ता का हस्तांतरण कितना आसान होगा।  इसी सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि वे इस बात की गारंटी नहीं दे सकते हैं क्योंकि मेल इन मतपत्रों पर उनका भरोसा नहीं है। वर्ष 2016 में भी डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन से चुनाव लड़ते हुए भी नतीजों को स्वीकार करने पर असहमति जताई थी जिसे क्लिंटन ने अमेरिकी लोकतंत्र पर हमला बताया था।

उन्होंने कहा, ‘ ठीक है, अभी हम यह देखने जा रहे हैं कि होता क्या है?’ व्हाइट हाउस में ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वह अमेरिका में लोकतांत्रिक शासन के सबसे बुनियादी सिद्धांत के लिए प्रतिबद्ध हैं? कोविड-19 महामारी के कारण मेल-इन मतपत्रों के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘आप जानते हैं कि मतपत्रों के बारे में मेरा मानना है कि यह एक आपदा है।

ट्रंप दावा करते हैं कि मेल-इन मतपत्र (डाक से भेजे गए बैलेट पेपर) बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का जरिया है और डेमोक्रेट द्वारा चुनाव में धांधली करने के लिए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में बड़ी संख्या में मेल-इन मतपत्रों की उम्मीद है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जोर देकर कहा, ‘मतपत्रों से छुटकारा पाएं, काफी शांति मिलेगी। सत्ता का कोई हस्तांतरण नहीं होगा। नवंबर में मेल-इन वोटिंग के विरोध में ट्रंप लंबे समय से ट्वीट करते आ रहे हैं।

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