पुलिस सुरक्षा के बीच जंतर-मंतर पहुंचे किसान, कृषि कानूनों के खिलाफ लगाएंगे ‘किसान संसद’

नई दिल्ली: कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पहुँच गए हैं। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से बसों में भरकर किसानों का जत्था आज जंतर-मंतर पर पहुंचा। प्रदर्शन के मद्देनजर आज सुबह से ही जंतर-मंतर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। भारी संख्या में सुरक्षाबलों […]

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July 22, 2021

National

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zeenews

नई दिल्ली: कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पहुँच गए हैं। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से बसों में भरकर किसानों का जत्था आज जंतर-मंतर पर पहुंचा। प्रदर्शन के मद्देनजर आज सुबह से ही जंतर-मंतर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। बता दें कि आज से प्रतिदिन किसान जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे और अपनी मांगें रखेंगे।

जंतर-मंतर पहुंचे राकेश टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत भी जंतर-मंतर पहुंच चुके हैं। वहां पहुंचने ने के बाद उन्होंने कहा कि हम यहां पर अपनी आवाज़ उठाएंगे, विपक्ष को सदन के अंदर हमारी आवाज़ बनना चाहिए। प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद योगेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा एक बार फिर बसों की चेकिंग की जा रही है, जिसकी वजह से किसानों को जंतर-मंतर पहुंचने में देरी हुई है। दिल्ली पुलिस के द्वारा सिर्फ 200 किसानों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत दी गई है। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक ये किसान यहां पर प्रदर्शन कर सकेंगे।

राहुल गांधी की अगुवाई में संसद के भीतर प्रदर्शन
कांग्रेस सांसदों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया। पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन का नेतृत्‍व क‍िया। राहुल गांधी के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, रवनीत बिट्टू, राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा और कई अन्य सांसद इस धरने में शामिल हुए। कांग्रेस सांसदों ने ‘काले कानून वापस लो’ और ‘प्रधानमंत्री न्याय करो’ के नारे लगाए।

हम किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार- तोमर
किसानों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश गवाह है कि ये कृषि कानून बेहद जरूरी और किसानों के हित में हैं। हमने इन कानूनों पर विस्तृत चर्चाएं की हैं। अगर किसान इन कानूनों को लेकर अपनी समस्या बिंदुवार रखते हैं तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं।

कई महीनों से  विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान 
गौरतलब है कि दिल्ली से लगे टिकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर तथा गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पिछले साल नवम्बर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए। हालांकि सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के हित में हैं। सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही है।

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