चीन सीखने लायक एक मॉडल है:बांग्लादेशी शिक्षक

हाल के वर्षों में, अधिक से अधिक विदेशी युवा चीन आ रहे हैं। वे भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अपनी युवा शक्ति व ऊर्जा को बरकरार रखते हैं और नवाचार की खोज करते हैं। वे चीनी युवाओं के साथ हाथ मिलाकर अपने सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 4 मई को चीनी युवा दिवस के मौके […]

dainiksaveratimes

May 4, 2021

International

Politics

1 min

zeenews

हाल के वर्षों में, अधिक से अधिक विदेशी युवा चीन आ रहे हैं। वे भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अपनी युवा शक्ति व ऊर्जा को बरकरार रखते हैं और नवाचार की खोज करते हैं। वे चीनी युवाओं के साथ हाथ मिलाकर अपने सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 4 मई को चीनी युवा दिवस के मौके पर चीन में काम करने वाले या रहने वाले कुछ विदेशी युवाओं की कहानियां सुनायी जा रही हैं। 

बांग्लादेश के ग़ालिब बचपन से पढ़ाई में तेज़ रहे हैं। हाई स्कूल पास होने के वक्त उन्हें देश में शीर्ष 20 के स्कोर से विदेश में अध्ययन करने का अवसर मिला और चीन की ओर से छात्रवृत्ति प्राप्त कर सफलता से चीन के वुहान प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अध्ययन शुरू किया। तब से उन्हें चीन में आये हुए 20 साल हो चुके हैं। 

ग़ालिब का मानना ​​है कि चीन के विकास अनुभव कई देशों, खासकर उनके देश बांग्लादेश के लिए सीखने लायक है। उन्होंने कहा, “मैंने जो कुछ भी सीखा है, वह मेरी मातृभूमि और अन्य विकासशील देशों में प्रसारित किया जाना चाहिए, जिसमें चीन के ग्रामीण समृद्धि और गरीबी उन्मूलन अनुभव शामिल हैं। गरीबी हमारी आम दुश्मन है और वर्तमान में एक और दुश्मन नजर आया है, वह कोविड-19 महामारी है। हम देख सकते हैं कि चीन ने महामारी की रोकथाम व नियंत्रण में अच्छे परिणाम प्राप्त किये हैं, जो सीखने लायक हैं। चीन हमेशा विकासशील देशों के लिए एक बहुत अच्छा उदाहरण रहा है।”

पिछले साल की शुरुआत में वुहान में कोविड-19 महामारी का प्रकोप हुआ था। तब वुहान में काम कर रहे ग़ालिब ने तीन बार स्वदेश वापस लौटने का अवसर छोड़ दिया। उन्होंने वुहान में अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महामारी से लड़ने का विकल्प चुना और समय-समय पर वुहान में महामारी के मुकाबले के अनुभवों को अपनी मातृभूमि और दुनिया के साथ साझा किया। कुछ समय पहले दक्षिण एशिया के सबसे बड़े अखबारों में से एकद वॉयस ऑफ द टाइम्स” ने “वुहान से सीखें” और “वुहान कैन विन यू कैन विन” शीर्षक ग़ालिब के लेख प्रकाशित किए। 
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Related News

More Loader