इंटरव्यू के दौरान बोले अनुपम खेर, अभिनय में कोई शॉर्टकट नहीं होता

दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का कहना है कि एक अच्छा अभिनेता बनने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता है और इसके लिए कड़ी मेहनत और अभ्यास करते रहना पड़ता है। नवोदित अभिनेताओं के लिए सलाह देते हुए खेर ने साझा किया: ‘‘अभिनय का कोई पाठ्यक्रम नहीं होता है, इसलिए लोग 80 या उससे अधिक की […]

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July 21, 2021

Bollywood

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zeenews

दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का कहना है कि एक अच्छा अभिनेता बनने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता है और इसके लिए कड़ी मेहनत और अभ्यास करते रहना पड़ता है।
नवोदित अभिनेताओं के लिए सलाह देते हुए खेर ने साझा किया: ‘‘अभिनय का कोई पाठ्यक्रम नहीं होता है, इसलिए लोग 80 या उससे अधिक की उम्र में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ आते हैं। नवोदित अभिनेताओं को मेरी सलाह है कि उन्हें अपनी कला का लगातार अभ्यास करना होगा। यह एक ऐसी चीज है जिसका आप जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे, आप उतने ही अच्छे बनेंगे। आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। उसके लिए यह हर दिन का काम है कि  समझते रहें और एक ही काम को बार-बार करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, उन्हें लोगों में गहरी रुचि विकसित करनी होगी, क्योंकि कई अभिनेताओं के बैंक हैं। जितना अधिक वे लोगों को जानेंगे, जितना ज्यादा वे भावनाओं को जानेंगे, उतना ही वे क्रोध के विभिन्न पहलुओं को जानेंगे, नौ रास। इसलिए, मुझे लगता है कि यही महत्वपूर्ण है, और आप जो बनते हैं उसका बोझ नहीं उठाना है। अभिनय में कोई शॉर्टकट नहीं है।’’
काम के मोर्चे पर, खेर ने हाल ही में रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘भुज: द डे इंडिया शूक’ में एक एंकर के रूप में अभिनय किया। परियोजना का हिस्सा बनने के अपने अनुभव को साझा करते हुए, अभिनेता ने कहा: ‘‘इस तरह की परियोजना में, ‘अभिनय नहीं’ करना सबसे महत्वपूर्ण बात है। आपको पहले इसका सार समझना होगा। आप एक ‘सूत्रधार’ की तरह हैं, एक कथाकार जिसके पास एक आत्मा है, जो उनके साथ सहानुभूति रखता है, जो आत्म-दया में लिप्त नहीं है। यह ऐसा है जैसे जब आप ध्यान करते हैं, तो ध्यान की स्थिति में आपको ऐसी बातें कहनी होती हैं जिनसे लोग संबंधित होते हैं। आप इसे नकली नहीं बना सकते।’’ 
उन्होंने आगे कहा ‘‘यह ऐसा कुछ है जो एक व्यक्ति के रूप में अनुभव के साथ आता है, जरूरी नहीं कि एक अभिनेता के रूप में। यह सहानुभूति नामक शब्द से आता है। इस तरह मैंने इसे पवित्रता की कुल भावना के साथ संपर्क किया। मेरे दिमाग में यह सभी लोगों के लिए एक श्रद्धांजलि थी कि नुकसान हुआ।’’ यह पूछे जाने पर कि किस बात ने उन्हें वृत्तचित्र फिल्म में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, खेर ने उत्तर दिया: ‘‘यह कहना आसान था कि मैं यह डिस्कवरी प्रोजेक्ट करना चाहता हूं। यह ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना है, न केवल भारत में बल्कि दुनिया में कहीं भी। इस बारे में कि कैसे हम किसी आपदा के कगार पर हैं, कैसे जीवन को पूरी तरह से बदला जा सकता है।’’

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