लॉकडाउन और पाबंदियों से अप्रैल में गई 75 लाख नौकरियां , बेरोजगारी दर 4 माह के उच्च स्तर पर: CMIE

मुंबई: कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर और उसकी रोकथाम के लिये स्थानीय स्तर पर लगाये गये ‘लॉकडाउन’ और अन्य पाबंदियों से 75 लाख से अधिक लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है। इससे बेरोजगारी दर चार महीने के उच्च स्तर 8 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग  इंडियन एकोनॉमी (सीएमआईई) ने सोमवार […]

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May 3, 2021

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मुंबई: कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर और उसकी रोकथाम के लिये स्थानीय स्तर पर लगाये गये ‘लॉकडाउन’ और अन्य पाबंदियों से 75 लाख से अधिक लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है। इससे बेरोजगारी दर चार महीने के उच्च स्तर 8 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग  इंडियन एकोनॉमी (सीएमआईई) ने सोमवार को यह कहा। सीएमआईई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) महेश व्यास ने कहा कि आने वाले समय में भी रोजगार के मोर्चे पर स्थिति चुनौतीपूर्ण बने रहने की आशंका है।

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मार्च की तुलना में अप्रैल महीने में हमने 75 लाख नौकरियां गंवाई। इसके कारण बेरोजगारी दर बढ़ी है।’’ केंद्र सरकार के आंकड़े के अनुसार राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.97 प्रतिशत पहुंच गयी है। शहरी क्षेत्रों में 9.78 प्रतिशत जबकि ग्रामीण स्तर पर बेरोजगारी दर 7.13 प्रतिशत है।

इससे पहले, मार्च में राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 6.50 प्रतिशत थी और ग्रामीण तथा शहरी दोनों जगह यह दर अपेक्षाकृत कम थी। कोविड-19 महामारी बढऩे के साथ कई राज्यों ने ‘लॉकडाउन’ समेत अन्य पाबंदियां लगायी हैं। इससे आíथक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ा और फलस्वरूप नौकरियां प्रभावित हुई हैं।

व्यास ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि कोविड-महामारी कब चरम पर पहुंचेगी, लेकिन रोजगार के मार्चे पर दबाव जरूर देखा जा सकता है।’’ हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति उतनी बदतर नहीं है जितनी की पहले ‘लॉकडाउन’ में देखी गई थी। उस समय बेरोजगारी दर 24 प्रतिशत तक पहुंच गयी थी।

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